लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा को धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सामाजिक समरसता और एकता का महत्वपूर्ण पर्व बताया है। उन्होंने श्रद्धालुओं के नाम लिखी ‘पाती’ के माध्यम से कांवड़ यात्रा के महत्व, व्यवस्थाओं और कांवड़ियों की जिम्मेदारियों को लेकर अपना संदेश साझा किया।
जाति और क्षेत्र के भेद से ऊपर है कांवड़ यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा में जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र जैसे सामाजिक विभाजन पीछे छूट जाते हैं। अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले श्रद्धालु एक साथ भगवान शिव की भक्ति में शामिल होते हैं। उनके मुताबिक यह यात्रा सामाजिक भाईचारे और आपसी समरसता की मिसाल पेश करती है।
कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा पर सरकार का जोर
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के साथ प्रशासन को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं के विशेष इंतजाम
कांवड़ यात्रा के दौरान साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों से पर्यावरण के अनुकूल कांवड़ अपनाने की अपील की। उन्होंने प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने और प्लास्टिक मुक्त जीवन की दिशा में संकल्प लेने का संदेश दिया। यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने पर भी जोर दिया गया।
एंबुलेंस और स्कूल वाहनों को रास्ता देने की अपील
सीएम योगी ने कांवड़ियों से अपील की कि यात्रा के दौरान एंबुलेंस और विद्यालयों के वाहनों को प्राथमिकता से रास्ता दिया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की भक्ति के साथ-साथ दूसरों की सुविधा और आवश्यक सेवाओं का ध्यान रखना भी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
भक्ति के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
मुख्यमंत्री के संदेश में कांवड़ यात्रा को धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, अनुशासन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने पर जोर दिया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण और जिम्मेदार तरीके से यात्रा में शामिल होने की अपील की।

