प्रदेश के एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। बैठक में ई-ऑफिस प्रणाली की प्रगति, खेल अवसंरचना विकास, विद्यालयों में बालिका शौचालयों की उपलब्धता, आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया तथा पंचायत उत्सव भवन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को स्पष्ट व कड़े निर्देश दिए गए।
वित्तीय वर्ष में सभी तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों पर ई-ऑफिस अनिवार्य
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि चालू वित्तीय वर्ष के भीतर प्रदेश की सभी तहसीलों एवं ब्लॉक मुख्यालयों पर ई-ऑफिस व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाए। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने जनपदों में ई-ऑफिस की कार्यशीलता की नियमित समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि आवश्यक आधारभूत संरचना, कार्मिकों का प्रशिक्षण तथा फाइलों का संचालन पूरी तरह ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ई-ऑफिस पर लॉगिन न करने वाले कर्मियों का वेतन रोके जाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी भी बड़ी संख्या में कर्मचारी पूरे माह ई-ऑफिस पर लॉगिन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि जो कार्मिक पूरे माह में एक बार भी ई-ऑफिस पर लॉगिन नहीं करते हैं, उनका वेतन आहरित न किया जाए।
प्रदेश में 10 नए स्पोर्ट्स कॉलेज, भूमि चिन्हित करने के निर्देश
खेल विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश के सभी मण्डलों में एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जानी है। इसके लिए अयोध्या, बरेली, आगरा, मिर्जापुर, देवीपाटन, झांसी, बस्ती, मुरादाबाद, मेरठ और अलीगढ़ सहित 10 मंडलों में लगभग 50 एकड़ उपयुक्त भूमि चिन्हित कर खेल विभाग को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि स्पोर्ट्स कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा और उन्हें स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से संबद्ध किया जाएगा, ताकि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकें।
ग्रामीण स्टेडियम और खेल प्रशिक्षण पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विकास खंड स्तर पर निर्माणाधीन ग्रामीण स्टेडियमों का कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूरा कराया जाए। साथ ही, प्रत्येक स्टेडियम में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से खेल प्रशिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। आगामी दो सप्ताह के भीतर सभी जिलाधिकारियों को उत्तर प्रदेश खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।
5 मार्च से पहले सभी विद्यालयों में बालिका शौचालय सुनिश्चित
विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यू-डायस एवं प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से समीक्षा कर 5 मार्च से पूर्व सभी असंतृप्त मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, राजकीय एवं परिषदीय विद्यालयों में बालिका शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और इसकी सूचना पोर्टल पर अपलोड की जाए।
आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया समय-सारिणी के अनुसार पूरी करने के निर्देश
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने समयबद्ध पूर्णता पर जोर दिया। जिन जनपदों में प्रगति धीमी है, वहां विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि देवरिया, इटावा, फर्रुखाबाद, गाजियाबाद, खीरी, ललितपुर, मऊ, मेरठ, औरैया, प्रतापगढ़ और सिद्धार्थनगर सहित 11 जनपदों में चयन प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
पंचायत उत्सव भवन निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
पंचायत उत्सव भवन निर्माण की समीक्षा के दौरान बरेली जनपद में कार्य प्रारंभ होने पर मुख्य सचिव ने संतोष व्यक्त किया और अन्य जनपदों में भी शीघ्र कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। जिन 27 जनपदों में निविदा प्रक्रिया प्रचलित है, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराने तथा शेष 44 जनपदों को अगले दो दिनों में टेंडर प्रकाशित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में अपर मुख्य सचिव महिला कल्याण लीना जोहरी, प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा श्रीमती मोनिका रानी, निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग सरनीत कौर ब्रोका सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

