मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में “फैमिली आईडी-एक परिवार, एक पहचान योजना” की प्रगति के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना से जुड़े विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव उपस्थित रहे।
डीबीटी योजनाओं के सभी लाभार्थी हों फैमिली आईडी से आच्छादित
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभार्थियों को फैमिली आईडी से आच्छादित किया जाए। उन्होंने फैमिली आईडी डाटाबेस के इंटीग्रेशन पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी योजनाओं और सेवाओं को इस डाटाबेस से लिंक करें तथा निर्धारित अंतराल पर डेटा साझा करें।
केंद्र सरकार की योजनाओं का डेटा भी हो इंटीग्रेट
मुख्य सचिव ने कहा कि भारत सरकार की योजनाओं से आच्छादित प्रदेश के लाभार्थियों का डेटा प्राप्त करने के लिए संबंधित विभाग मुख्य सचिव कार्यालय के माध्यम से केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों से समन्वय स्थापित करें। प्राप्त डेटा को फैमिली आईडी डाटाबेस से इंटीग्रेट कर संभावित लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जाए।
प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं से जोड़ने के निर्देश
फैमिली आईडी डाटाबेस के आधार पर विभिन्न योजनाओं के संभावित लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के अनुसार संबंधित योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र परिवारों को समयबद्ध और पारदर्शी लाभ मिल सके।
फैमिली आईडी पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण
बैठक में प्रमुख सचिव (नियोजन) द्वारा फैमिली आईडी योजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें विभाग-वार फैमिली आईडी लिंकेज की प्रगति साझा की गई और यह रेखांकित किया गया कि फैमिली आईडी के माध्यम से पात्र परिवारों के सभी सदस्यों तक योजनाओं का लाभ सरल और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सकता है।
फैमिली ई-पासबुक का प्रदर्शन
बैठक में फैमिली ई-पासबुक का भी प्रदर्शन किया गया। ई-पासबुक के जरिए आमजन अपने परिवार/सदस्यों को प्राप्त सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी आसानी से देख सकेंगे। साथ ही फैमिली आईडी डाटाबेस के आधार पर उन योजनाओं/सेवाओं की जानकारी भी मिलेगी, जिनके लिए परिवार पात्र है।
लक्ष्य: पारदर्शिता और लक्षित लाभ
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि फैमिली आईडी योजना का उद्देश्य लक्षित लाभ, पारदर्शिता और समन्वय को मजबूत करना है, ताकि पात्रता के आधार पर कोई भी परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।

