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12 दिनों में दो बार गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, 1753 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात

12 दिनों में दो बार गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, 1753 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात

12 दिनों में दो बार गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, 1753 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महज 12 दिनों के भीतर गोरखपुर का दो बार दौरा कर जिले को कुल 1753 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। 11 जुलाई को 758 करोड़ रुपये और 23 जुलाई को 995 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर उन्होंने शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।

सड़क कनेक्टिविटी पर विशेष फोकस

दोनों दौरों में मुख्यमंत्री का प्रमुख जोर सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और यातायात को अधिक सुगम बनाने पर रहा। उनके नेतृत्व में गोरखपुर में कई महत्वपूर्ण सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाएं पूरी हुईं, जिससे शहर और आसपास के जिलों के बीच आवागमन पहले से अधिक आसान होने की उम्मीद है।

फोरलेन और सिक्सलेन परियोजनाओं से मिलेगा बड़ा लाभ

11 जुलाई को मुख्यमंत्री ने लगभग 690 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 11.60 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का उद्घाटन किया। वहीं 23 जुलाई को जिले के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर का लोकार्पण किया गया, जिसकी लागत करीब 429.49 करोड़ रुपये रही। इसके साथ ही पैडलेगंज चौक से फिराक गोरखपुरी चौक तक विकसित फोरलेन सड़क भी जनता को समर्पित की गई।

कई जिलों और नेपाल तक बेहतर होगा आवागमन

टीपीनगर–पैडलेगंज मार्ग पर बने सिक्सलेन फ्लाईओवर से गोरखपुर की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नया आयाम मिला है। इस परियोजना से संतकबीरनगर, बस्ती, अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, आजमगढ़, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, बिहार और नेपाल की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को तेज और सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा।

शहर के भीतर भी यातायात होगा आसान

महानगर की आंतरिक सड़क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पैडलेगंज चौक से फिराक गोरखपुरी चौक तक मार्ग का चौड़ीकरण किया गया है। इसके अलावा नंदानगर पुलिस चौकी से शमशेर गेट मार्ग पर अंडरपास और सर्विस रोड निर्माण की आधारशिला रखी गई, जिससे भविष्य में ट्रैफिक दबाव कम होने की संभावना है।

 

महिला सशक्तीकरण को मिली नई दिशा

मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण का शिलान्यास किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य रोजगार और शिक्षा के लिए शहर आने वाली महिलाओं को सुरक्षित एवं बेहतर आवास उपलब्ध कराना है।

तकनीकी शिक्षा में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार

प्राविधिक शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया गया, जहां इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से जुड़े अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं विकसित की जाएंगी। इससे छात्राओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सकेगा।

विकास कार्यों से बदलेगा गोरखपुर का स्वरूप

लगातार हो रहे बुनियादी ढांचे के विस्तार, बेहतर सड़क संपर्क, महिला कल्याण और तकनीकी शिक्षा से जुड़ी नई परियोजनाएं गोरखपुर के समग्र विकास को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। इन योजनाओं से शहर की यातायात व्यवस्था, शिक्षा और रोजगार के अवसरों में भी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

 

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