धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में गुरुवार से BRICS संस्कृति समूह (Cultural Working Group) की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। नदेसर स्थित एक पांच सितारा होटल में आयोजित इस दो दिवसीय बैठक में भारत समेत BRICS से जुड़े 11 देशों के 30 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। केंद्र सरकार के संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित यह बैठक वैश्विक सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसके बावजूद ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका सहित सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि एक मंच पर जुटे हैं। इससे सांस्कृतिक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), जलवायु परिवर्तन, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विदेशों में मौजूद सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन होगा। साथ ही भारत के जीआई टैग (GI Tag) और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों को वैश्विक पहचान मिलने का अवसर मिलेगा।
BRICS प्रतिनिधियों के लिए काशी की सांस्कृतिक विरासत को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करेगा और विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में भी शामिल होगा। इसके अलावा उन्हें काशी की संगीत, कला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक परंपराओं से भी परिचित कराया जाएगा।
बैठक को देखते हुए शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यह आयोजन काशी की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने के साथ-साथ भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

