बिजनौर। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित पंच सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए G-RAM-G योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना की मूल भावना के अनुरूप सभी कार्य नियमानुसार कराए जाएं और पात्र लाभार्थियों को योजना का अधिक से अधिक लाभ मिले।
जिलाधिकारी ने कहा कि मनरेगा में जनहित को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संशोधन किए गए हैं और इसके स्थान पर अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं विकास उन्मुख विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी G-RAM-G अधिनियम, 2025 लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो चुका है।
उन्होंने कहा कि नई योजना के तहत मजदूरों को पहले के 100 दिनों की तुलना में अब 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि कार्यों की निगरानी और बेहतर क्रियान्वयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भी भूमिका होगी। डीएम ने बताया कि G-RAM-G एक Centrally Sponsored Scheme है, जिसमें राज्यों के लिए फंड शेयरिंग का पैटर्न 60:40 निर्धारित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना के तहत कराए जाने वाले सभी कार्य नियमों और निर्धारित मानकों के अनुसार ही किए जाएं।
जिलाधिकारी ने पूर्व में शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत स्वीकृत खेल मैदान, अन्नपूर्णा भवन समेत अन्य कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन कार्यों को फास्ट ट्रैक मोड में पूरा कराया जाए, ताकि आम लोगों को इनका लाभ जल्द मिल सके।उन्होंने उपायुक्त मनरेगा को निर्देशित किया कि योजना की जानकारी ब्लॉक स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधानों और अन्य संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योजना के प्रावधानों और कार्यप्रणाली की जानकारी दी जाए।
कार्यक्रम का संचालन उपायुक्त मनरेगा आरबी यादव ने किया। उन्होंने G-RAM-G योजना को कामगारों के लिए महत्वपूर्ण और लाभकारी बताते हुए कहा कि योजना के सफल संचालन के लिए जनपद स्तर पर विभिन्न गतिविधियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि अब ब्लॉक स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

