उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से नमामि गंगे योजना को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नमामि गंगे परियोजना हमीरपुर जनपद में जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल होती नजर आ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह योजना भ्रष्टाचार और घोर लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी है।
सरीला विकासखंड से उजागर हुई गड़बड़ियों की कहानी
पूरा मामला सरीला विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बौखर से सामने आया है, जहां ग्रामीणों ने योजना की असल हकीकत उजागर की है। ग्रामीणों का कहना है कि बौखर के साथ-साथ सरीला क्षेत्र की ग्राम पंचायत पहारा, भैंसाए, उमरिया, पवई, अमूंद समेत दर्जनों गांवों में नमामि गंगे योजना के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई हैं।
पाइपलाइन बिछी, लेकिन पानी एक बूंद भी नहीं
ग्रामीणों के अनुसार करीब दो साल पहले पूर्व ठेकेदारों द्वारा गांवों की सड़कों को तोड़कर पाइपलाइन बिछाई गई और घर-घर नल कनेक्शन भी दिखाए गए। लेकिन हकीकत यह है कि आज तक कई घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची। इसके बावजूद कागजों में कार्य पूर्ण दिखाकर भुगतान निकाल लिया गया।
सड़कें पूरी तरह तबाह, आवागमन हुआ मुश्किल
योजना के नाम पर गांवों की सीसी सड़कों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और पूरी सड़क पर कीचड़ फैला रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि न तो सड़कों की मरम्मत कराई गई और न ही अधूरे कार्यों को पूरा किया गया। बारिश के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों का आवागमन लगभग ठप हो जाता है।
पानी की टंकी अधूरी, काम सिर्फ कागजों में पूरा
ग्राम पंचायत बौखर के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरू तो किया गया था, लेकिन दो साल बीत जाने के बावजूद आज तक टंकी अधूरी पड़ी है। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की योजना को कागजों में पूरा दिखा दिया गया, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति बद से बदतर बनी हुई है।
रिकॉर्ड में जल आपूर्ति पूरी, हकीकत में नल भी नहीं
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई घरों में आज तक नलों की टोंटियां तक नहीं लगाई गईं, इसके बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में घर-घर जल आपूर्ति पूरी दर्शा दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप
ग्रामीणों का साफ कहना है कि नमामि गंगे परियोजना के नाम पर सरकारी धन का खुला दुरुपयोग किया गया है। कागजों में काम पूरा दिखाकर भुगतान निकाल लिया गया, जबकि गांव के लोग आज भी पीने के पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषी ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल ग्राम पंचायत बौखर सहित आसपास के गांवों में नमामि गंगे परियोजना को लेकर भारी जन आक्रोश है और यह योजना ग्रामीणों की नजर में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।

