उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, टोल वसूली के लिए किया गया लगभग 335.65 करोड़ रुपये का अनुबंध महज 100 रुपये के स्टांप पेपर पर दर्ज किया गया था, जिससे राजस्व हानि का गंभीर मामला उजागर हुआ है।
टोल वसूली का जिम्मा कंपनी को सौंपा गया था
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा मेसर्स दातार कंपनी को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर दो वर्षों के लिए टोल वसूली का ठेका दिया गया था। अनुबंध के अनुसार पहले वर्ष लगभग 158.88 करोड़ रुपये और दूसरे वर्ष 10 प्रतिशत वृद्धि के साथ कुल 335.65 करोड़ रुपये का भुगतान निर्धारित किया गया था।
जांच में सामने आया स्टांप ड्यूटी में बड़ा घोटाला
जांच के दौरान सामने आया कि इतने बड़े वित्तीय अनुबंध को नियमों के विपरीत बेहद कम स्टांप ड्यूटी पर पंजीकृत कराया गया। प्रमुख सचिव एवं आईजी रजिस्ट्रेशन के निर्देश पर हुई जांच में डीआईजी निबंधन चित्रकूट धाम मंडल बांदा रईस अहमद द्वारा मामले की जांच की गई।
करीब 13.35 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी उजागर
जांच रिपोर्ट में लगभग 13.35 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी चोरी का खुलासा हुआ है। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कंपनी के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए एआईजी निबंधन की ओर से संबंधित कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
प्रशासन सख्त, जांच जारी
इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बढ़ा दी गई है और यह मामला अब उच्च स्तर पर जांच के दायरे में है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

