बरेली स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षोत्सव समारोह का आयोजन गरिमामय माहौल में किया गया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने जन भवन से वर्चुअल माध्यम से समारोह में सहभागिता की। इस अवसर पर कुल 1,00,631 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। सभी डिग्रियों को डिजिटल सुविधा के तहत डिजिलॉकर पर अपलोड किया गया है। दीक्षोत्सव में उपाधि प्राप्त करने वालों में 62 प्रतिशत छात्राएं और 38 प्रतिशत छात्र शामिल रहे। वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 85 स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया, जिनमें 71 पदक छात्राओं और 14 पदक छात्रों के खाते में गए।
राज्यपाल ने कहा- उपाधि केवल उपलब्धि नहीं, समाज के प्रति जिम्मेदारी भी
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि डिग्री प्राप्त करना केवल शैक्षणिक सफलता नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों से प्रेरणा लेने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज सेवा, समानता और मानव कल्याण के लिए करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना था। विशेष रूप से बालिकाओं और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा के अवसर खोलना उनके जीवन का महत्वपूर्ण उद्देश्य रहा।
बेटियों की उपलब्धियों पर राज्यपाल ने जताई खुशी
दीक्षोत्सव में बड़ी संख्या में छात्राओं को उपाधि और स्वर्ण पदक मिलने पर राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह उच्च शिक्षा में बेटियों की बढ़ती भागीदारी और उनकी प्रतिभा व मेहनत का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सभी विद्यार्थियों को समान अवसर और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि हर युवा अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ सके।
700 आंगनबाड़ी किट और 900 बेटियों का हुआ HPV टीकाकरण
दीक्षोत्सव के दौरान सामाजिक सरोकार से जुड़े कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों के लिए कुल 700 आंगनबाड़ी किट वितरित की गईं। इनमें बरेली के लिए 300, जबकि पीलीभीत और शाहजहांपुर के लिए 200-200 किट शामिल रहीं। इसके अलावा तीनों जिलों की 900 बेटियों का HPV टीकाकरण भी कराया गया। राज्यपाल ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए शिक्षकों, विश्वविद्यालयों और विद्यार्थियों को जागरूकता अभियान में भूमिका निभानी चाहिए।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की राज्यपाल ने की सराहना
राज्यपाल ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और तकनीकी उपलब्धियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से ए प्लस प्लस ग्रेड और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से श्रेणी-1 का दर्जा मिलना इसकी उत्कृष्टता को दर्शाता है।
उन्होंने विश्वविद्यालय के रुहेलखंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन की भी सराहना की, जहां करीब 45 स्टार्टअप संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा 140 बेटियों को जनरल ड्यूटी असिस्टेंट का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की पहल को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
युवाओं को रोजगार देने के लिए विश्वविद्यालयों को दिए निर्देश
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से कहा कि पढ़ाई बीच में छोड़ चुके युवाओं की पहचान कर उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी उनका दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना और अन्य स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए।
नई शिक्षा नीति और मातृभाषा में शिक्षा पर जोर
राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नीति युवाओं को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार तैयार करने का प्रयास है। उन्होंने मातृभाषा में शिक्षा को विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता बढ़ाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि भाषा किसी भी प्रतिभा के विकास में बाधा नहीं बननी चाहिए। मातृभाषा में शिक्षा से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।
खेल और नवाचार को बढ़ावा देने की अपील
राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों से खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, अनुसंधान, तकनीक और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण में मिली कमियों पर राज्यपाल ने जताई नाराजगी
दीक्षोत्सव से पहले विश्वविद्यालय परिसर के निरीक्षण में कुछ कमियां सामने आईं। राज्यपाल ने व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान छात्रावासों में स्वच्छता, मेस व्यवस्था, खराब उपकरण, अधूरे निर्माण कार्य और अन्य व्यवस्थागत कमियां पाई गईं। राज्यपाल ने सभी कमियों को 15 दिनों के भीतर दूर करने और व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीक्षोत्सव जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में बेहतर व्यवस्था और साफ-सफाई सुनिश्चित होनी चाहिए।
स्वामी विवेकानंद प्रतिमा का हुआ अनावरण, कई परियोजनाओं का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने युवा प्रेरणा स्थल पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का ऑनलाइन अनावरण किया। इसके साथ ही पीएम-उषा योजना के तहत नवीनीकृत कृषि एवं प्रौद्योगिकी संकाय और मियावाकी वन का उद्घाटन भी किया गया। एचपीवी टीकाकरण अभियान में योगदान देने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया। वहीं विश्वविद्यालय से जुड़े विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी विभिन्न उपलब्धियों के लिए सम्मान मिला।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का संदेश
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता केवल अवसरों का इंतजार करने से नहीं मिलती, बल्कि निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प से हासिल होती है। उन्होंने युवाओं से अपने माता-पिता, शिक्षकों और समाज के योगदान को याद रखने तथा अपनी प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करने की अपील की।

