लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) का 22वां दीक्षांत समारोह राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह में कुल 1707 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 विद्यार्थियों को 54 पदकों से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को चिकित्सा क्षेत्र में सेवा, संवेदना और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
हरदोई के 400 आंगनबाड़ी केंद्रों को मिली किट, 200 बालिकाओं का HPV टीकाकरण
दीक्षांत समारोह के दौरान सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। जनपद हरदोई के 400 आंगनबाड़ी केंद्रों को आंगनबाड़ी किट वितरित की गईं। इसके अलावा पुलिस लाइन में कार्यरत पुलिसकर्मियों की बेटियों सहित 200 बालिकाओं का HPV टीकाकरण कराया गया। राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश में CSR सहयोग से अब तक हजारों आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधाओं से सुसज्जित किया जा चुका है और बड़ी संख्या में बालिकाओं को HPV वैक्सीन की डोज दी गई हैं।
डिजिटल डिग्री और अंकपत्र के लिए डिजिलॉकर का करें उपयोग: राज्यपाल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को डिजिलॉकर सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा हर वर्ष विद्यार्थियों की डिग्री और अंकपत्र डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन कई छात्र अभी भी इसका लाभ नहीं ले रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों को डिजिटल दस्तावेजों के उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए, ताकि छात्र घर बैठे मोबाइल के माध्यम से अपनी डिग्री और अंकपत्र प्राप्त कर सकें।
चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, मानवता की जिम्मेदारी: राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र केवल रोजगार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सेवा, संवेदना और समर्पण का क्षेत्र है। उन्होंने नव चिकित्सकों से कहा कि मरीज डॉक्टर के पास केवल इलाज के लिए नहीं, बल्कि उम्मीद और विश्वास लेकर आता है। उन्होंने चिकित्सकों से मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने और समय पर उपचार उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
KGMU की उपलब्धियों की राज्यपाल ने की सराहना
राज्यपाल ने वर्ष 1905 में स्थापित KGMU को चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रतिष्ठित संस्थान बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय को नैक में A++ ग्रेड, NIRF रैंकिंग में चिकित्सा श्रेणी में बेहतर स्थान और विभिन्न शोध उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि KGMU में रोबोटिक सर्जरी, ट्रॉमा क्रिटिकल केयर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, संक्रामक रोग सेवाओं सहित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध करा रही हैं।
युवा चिकित्सकों से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने की अपील
राज्यपाल ने युवा डॉक्टरों से अपने करियर के शुरुआती वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए गांवों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच जरूरी है। उन्होंने निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालित करने वाले चिकित्सकों से गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए रियायती या निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की अपील भी की।
स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक की भूमिका अहम
राज्यपाल ने डिजिटल हेल्थ मिशन, यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जन औषधि केंद्र और टीकाकरण अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक पारदर्शी और सुलभ बन रही हैं। उन्होंने युवा चिकित्सकों को लगातार सीखने, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े रहने की सलाह दी।
KGMU की व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों की व्यवस्थाओं को लेकर भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन भवनों को जल्द पूरा करने, स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने, छात्रावासों में सुविधाएं बढ़ाने और मेस में गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाने और खेल व जिम गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने को कहा।
दीक्षांत समारोह में कई लोगों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दीक्षांत व्याख्यान के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके अलावा विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को स्कूल बैग और स्टेशनरी वितरित की गई। उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को फैकल्टी अवार्ड दिए गए। वहीं नीति आयोग के सदस्य एम. श्रीवास्तव को उनकी अनुपस्थिति में डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि प्रदान की गई।

