मथुरा। बलदेव में ब्रज संस्कृति के केंद्र बलदेव में भगवान दाऊ दयाल के जन्मोत्सव पर लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। नगर में भक्तिमय वातावरण तो दिखा, लेकिन नगर पंचायत की अव्यवस्थाओं ने कार्यक्रम की पोल खोलकर रख दी। जगह-जगह कूड़ा, पानी और भीड़ प्रबंधन की कमी साफ झलक रही थी। सबसे बड़ी लापरवाही तब सामने आई जब गौशाला से खुलेआम एक सांड और गाय भीड़भाड़ वाले मार्ग पर पहुंच गए।
यह सांड लोहार गली से होकर थाने के सामने से गुजरते हुए सीधे मंदिर परिसर के पास तक पहुंच गया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए कतारबद्ध थे। अचानक सामने आए सांड से अफरा-तफरी का माहौल बन गया और श्रद्धालु खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। भीड़ के बीच भगदड़ की आशंका बनी रही, लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी दिखाई नहीं दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत बलदेव की व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। अधिशासी अधिकारी संजय कुमार पूरे समय कार्यालय में एसी का आनंद लेते रहे और मैदान पर कहीं नजर नहीं आए। फोन पर जानकारी लेने पर उनका गैर-जिम्मेदाराना रवैया श्रद्धालुओं और नगरवासियों की नाराजगी का कारण बना।
लोगों ने बताया कि जब लाखों श्रद्धालु बलदेव पहुंचते हैं, तब नगर पंचायत की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर केवल औपचारिकताएं निभाई गईं। जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रबंधन नहीं था। इस लापरवाही के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ऐसी लापरवाहियों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा बना रहेगा। नगरवासियों ने अधिशासी अधिकारी के रवैये पर गंभीर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।