आजमगढ़। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में आजमगढ़ जिले में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए खेत तालाब एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली योजना संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन कर सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करना, फसल उत्पादन बढ़ाना, किसानों की आय में वृद्धि करना तथा भूजल स्तर में सुधार लाना है।
भूमि संरक्षण अधिकारी (ऊसर सुधार) हरी राज सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले को 12 खेत तालाब निर्माण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक सभी पात्र किसान उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर ₹1,000 की टोकन धनराशि जमा कर आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि लाभार्थियों का चयन निर्धारित प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। कुल लक्ष्य का 40 प्रतिशत उन किसानों के लिए आरक्षित है, जिन्होंने आवेदन तिथि तक पिछले सात वर्षों में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (माइक्रो इरिगेशन) स्थापित की है। वहीं 60 प्रतिशत लक्ष्य उन किसानों के लिए निर्धारित है, जिन्होंने अभी तक सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली नहीं लगाई है, लेकिन खेत तालाब निर्माण के साथ इसे स्थापित करना चाहते हैं।
योजना के तहत बनने वाले लघु खेत तालाब का आकार 22 मीटर × 20 मीटर × 3 मीटर निर्धारित किया गया है, जिसकी अनुमानित लागत ₹1.05 लाख है। तालाब की खुदाई किसान स्वयं कराएंगे और प्रारंभिक खर्च वहन करेंगे। विभागीय सत्यापन के बाद निर्माण लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम ₹52,500 का अनुदान डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से दो किस्तों में किसानों के बैंक खाते में भेजा जाएगा।
इसके अलावा योजना के अंतर्गत स्प्रिंकलर, ड्रिप सिंचाई प्रणाली और इलेक्ट्रिक वाटर लिफ्टिंग डिवाइस पर भी अनुदान दिया जाएगा। वाटर लिफ्टिंग डिवाइस पर 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹15,000 प्रति इकाई तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
हरी राज सिंह ने बताया कि यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं तो पात्र किसानों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।उन्होंने किसानों से समय रहते ऑनलाइन आवेदन करने तथा आवश्यक दस्तावेज भूमि संरक्षण अधिकारी (ऊसर सुधार) कार्यालय, कृषि भवन, आजमगढ़ में जमा कर योजना का लाभ लेने की अपील की है।

