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Vatsalya Gram Vrindavan: वृंदावन में सेवा की मिसाल: 256 मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन

वृंदावन स्थित वात्सल्य ग्राम के प्रेमवती गुप्ता नेत्र चिकित्सालय के अंतर्गत दो दिवसीय नि:शुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया गया। श्रीमती दुर्गा देवी लादूराम मनीरामका की पुण्य स्मृति में श्री नथमल लादूराम मनीरामका चैरिटेबल ट्रस्ट, मुंबई की ओर से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में मरीजों ने पहुंचकर नेत्र उपचार का लाभ लिया। शिविर का शुभारंभ साध्वी ऋतंभरा और मुख्य अतिथि स्वामी हरिदास पीठाधीश्वर स्वामी राधा प्रसाद देवजू महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिविर के प्रायोजक हरिप्रसाद अग्रवाल ने अतिथियों का माला एवं पटुका पहनाकर स्वागत किया।

साध्वी ऋतंभरा ने सेवा को बताया सबसे बड़ा धर्म

इस अवसर पर साध्वी ऋतंभरा ने मरीजों को औषधि वितरित की। उन्होंने कहा कि परमार्थ से बड़ा कोई धर्म नहीं होता और दूसरों की सेवा के लिए किया गया कार्य सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने नेत्र ज्योति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आंखें शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग हैं और दृष्टि के बिना व्यक्ति को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने शिविर के माध्यम से मुंबई से वृंदावन आकर मरीजों को नेत्र ज्योति प्रदान करने के प्रयास की सराहना की।

256 मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन

शिविर में मैनपुरी, एटा, फिरोजाबाद, कासगंज, अलीगढ़, गुरुग्राम, पलवल, वाराणसी और गौतम बुद्ध नगर सहित करीब एक दर्जन शहरों से आए 256 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के दौरान मरीजों को लेंस भी लगाए गए।नेत्र शल्य चिकित्सा का कार्य मुंबई के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने किया। टीम में डॉ. विशाल राठौर, डॉ. आरती वाहुबा, डॉ. राहुल जैन, डॉ. जुगल शाह, डॉ. आनंद जयपुरिया, डॉ. अनुज वाहुबा, डॉ. सौरव रामुकाम, डॉ. श्वेता, डॉ. मयूर अग्रवाल और डॉ. विशाल उप्पल शामिल रहे।

मरीजों के लिए भोजन और आवास की नि:शुल्क व्यवस्था

शिविर में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों के लिए भोजन और आवास की भी नि:शुल्क व्यवस्था की गई। आयोजन का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों को मोतियाबिंद उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना रहा।मुख्य अतिथि स्वामी राधा प्रसाद देवजू महाराज ने वात्सल्य ग्राम की सेवा गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि नेत्र चिकित्सक लोगों को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का कार्य करते हैं। उन्होंने मुंबई से वृंदावन आकर मरीजों की सेवा को पुण्य का कार्य बताया।

सेवा और परमार्थ का संदेश

विशिष्ट अतिथि जयप्रकाश मिश्रा एडवोकेट ने कहा कि भारतीय और सनातन परंपरा में सेवा को विशेष महत्व दिया गया है। नेत्र शल्य चिकित्सा शिविर भी इसी सेवा भावना का एक उदाहरण है।कार्यक्रम में स्वामी मोहिनी शरण बिहारी महाराज, क्रांतिकारी संत सत्य मित्रानंद जी, स्वामी सत्यानंद गिरी और स्वामी रामगिरी ने भी अपने विचार रखे।इस अवसर पर संजय भैया, महेश खंडेलवाल, स्वामी सत्यशील, साध्वी सत्य श्रुति, साध्वी सत्य कीर्ति, साध्वी सत्य निष्ठा और कार्यक्रम संयोजक मीनाक्षी अग्रवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। रमाकांत शर्मा, महेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह और वैशिष्टयम परिवार का आयोजन में विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उमाशंकर रही ने किया।

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