उत्तर प्रदेश में ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले में राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) के खुलासे के बाद लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर में तैनात एआरटीओ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि झांसी में जांच के आदेश दिए गए हैं।
डेढ़ महीने पहले STF ने किया था खुलासा
नवंबर माह में यूपी एसटीएफ ने मौरंग, गिट्टी और बालू से लदे ओवरलोड ट्रकों के संगठित सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। जांच में सामने आया था कि नियमों की अनदेखी कर ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली की जा रही थी। इस मामले में STF द्वारा लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर जिलों में अलग-अलग FIR भी दर्ज कराई गई थी।
किन अधिकारियों पर गिरी गाज
कार्रवाई के तहत-
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राजीव कुमार बंसल, एआरटीओ लखनऊ को निलंबित किया गया है।
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अंबुज, एआरटीओ रायबरेली को भी सस्पेंड किया गया है।
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पुष्पांजलि मिश्रा, एआरटीओ फतेहपुर को निलंबन का सामना करना पड़ा है।
इसके अलावा, झांसी के उप परिवहन आयुक्त के.डी. सिंह गौर को पूरे मामले की विस्तृत जांच करने के आदेश दिए गए हैं।
सरकार का सख्त संदेश
इस कार्रवाई को परिवहन विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि ओवरलोडिंग, अवैध वसूली और नियमों के उल्लंघन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आगे और कार्रवाई के संकेत
सूत्रों के अनुसार, जांच के आधार पर आने वाले दिनों में और अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। STF और परिवहन विभाग की संयुक्त निगरानी से ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा और कड़ा होने की संभावना है।

