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प्रदेश की वर्ष 2026, 27 की कार्य योजना पर ग्रहण!  कैसे शुरू करेगी कार्यदायी संस्था अपने कार्य

यूपी की 2026-27 कार्य योजनाओं में देरी से विकास कार्यों पर संकट, समय पर स्वीकृति नहीं मिलने से बढ़ी चिंता

यूपी की 2026-27 कार्य योजनाओं में देरी से विकास कार्यों पर संकट, समय पर स्वीकृति नहीं मिलने से बढ़ी चिंता

लखनऊ  : प्रदेश में 2026-27 की कार्य योजनाओं पर ग्रहण लगता हुआ नजर आ रहा है। अभी तक प्रदेश के विभिन्न विभागों ने अपनी कार्य योजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर शासनादेश जारी नही किया है। इन कार्य योजनाओं की स्वीकृति जून माह में हो जानी चाहिए लेकिन अभी तक नही हो पाई है। जिससे प्रदेश का विकास कार्य खासतौर पर निर्माण कार्य समय से शुरू नही हो पाएगा, क्योंकि वर्ष 2027 चुनावी वर्ष है  प्रदेश में जनवरी 2027 में आचार संहिता होने की संभावना है।

अब केवल माह कार्य करने को शेष है मुख्यमंत्री के बार बैठक और निर्देश के बाद भी विभिन्न विभाग स्वीकृतियां नही  करा पा रहे हैं। जिससे प्रदेश की कार्यदायी संस्थाएं हाथ पर हाथ धरी बैठी है। उनके पास वर्ष 2025-26 के बचे हुये कार्य को पूरा करने के अलावा अन्य कोई कार्य नही है। सरकार ने अगर जल्द ही कार्ययोजना स्वीकृत कर कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का निर्देश नही देती है, तो निश्चित रूप से निर्माण कार्य नही हो पाएगें। जिससे प्रदेश की कई योजनाएं ठप हो जाएगी, क्योकि जनवरी 2027 से मार्च 2027 के अंतिम सप्ताह तक चुनावी माहौल रहेगा और फिर वित्तिय वर्ष समाप्त भी हो जाएगा।

आखिर यह चीज समझ परे है कि जल्द ही कार्य योजना स्वीकृत कर शासनादेश जारी क्यों नही किया जा रहा है ? मुख्य सचिव इस मामले में पूरी तरह से फेल नजर आ रहे है क्योकि हर रोज वो लंबी – लंबी बैठके करते है वीडियो कांफ्रेंसिंग करते है लेकिन नतीजा कुछ भी नही निकल रहा है। साथ ही साथ अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री द्वारा लगातार बैठके की जा रही है लेकिन विभाग गतिमान नही हो रहे है। निश्चित रूप से इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को आगे भुगतना पडे़गा।

 

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