लखनऊ। शारदीय नवरात्रि की महासप्तमी के अवसर पर जन भवन, लखनऊ में 5100 से अधिक कन्याओं का पूजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। ‘प्रेरणा’ संस्था के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया। इस दौरान कन्याओं को चुनरी और दक्षिणा भी भेंट की गई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम में बच्चों ने मां दुर्गा पर आधारित नृत्य-नाटिका और ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ भजन पर भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। जन भवन स्थित आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने ‘मनुष्य तू बड़ा महान है’ गीत प्रस्तुत कर मानवीय मूल्यों और जीवन की महत्ता का संदेश दिया। राज्यपाल ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने प्रस्तुतियों की तैयारी कराने वाले शिक्षकों, प्रशिक्षकों और संस्था के सदस्यों को भी बधाई दी।
बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए बेहतर वातावरण जरूरी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बच्चों की छिपी प्रतिभा, रचनात्मकता और कौशल को विकसित करने के लिए उन्हें बेहतर अवसर और सकारात्मक वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने आदर्श माध्यमिक विद्यालय में आयोजित गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास और अपनत्व की भावना बढ़ाते हैं। उन्होंने ‘प्रेरणा’ संस्था के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए जन भवन में बच्चों के लिए इस तरह के और कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया।
खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा
राज्यपाल ने बताया कि जन भवन में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और विभिन्न त्योहारों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। बच्चों के लिए क्रिकेट, वॉलीबॉल और अन्य खेल गतिविधियों के अवसर भी उपलब्ध कराए जाते हैं। उन्होंने जन भवन में आयोजित होने वाली वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें एक लाख से अधिक बच्चे, महिलाएं, किसान और अन्य लोग भाग लेते हैं। प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित भी किया जाता है। राज्यपाल ने किसानों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें धरती पुत्र बताया।
बच्चों को ज्ञानवर्धक गतिविधियों से जोड़ने की पहल
राज्यपाल ने जन भवन परिसर में विकसित सुविधाओं और शैक्षणिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए बच्चों को नई जानकारियां हासिल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने गंगोत्री से गंगासागर तक की यात्रा, चार धाम से जुड़े स्थलों और पंचतंत्र जैसे विषयों के बारे में पढ़ने, जानकारी जुटाने और भ्रमण के अनुभवों पर निबंध लिखने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिखे निबंधों में से सर्वश्रेष्ठ का चयन कर विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। इससे बच्चों में अध्ययन, लेखन और रचनात्मक सोच को बढ़ावा मिलेगा।
अच्छे इंसान बनने और माता-पिता का सम्मान करने का संदेश
कार्यक्रम के समापन पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ने, जीवन में अच्छे इंसान बनने और माता-पिता की सेवा व सम्मान करने की प्रेरणा दी। उन्होंने सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। जन भवन में आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ बच्चों की प्रतिभा, सांस्कृतिक विकास और रचनात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित करने का अवसर बना।

