लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ मंडल के जनप्रतिनिधियों के साथ लोक निर्माण विभाग (PWD) की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस बैठक में लखनऊ, हरदोई, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर और लखीमपुर खीरी के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं, अधोसंरचनात्मक जरूरतों और नई परियोजनाओं के प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों और जनअपेक्षाओं की बेहतर समझ होती है। इसलिए विकास योजनाओं के निर्धारण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में उनके सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त प्रस्तावों की प्राथमिकता तय करते हुए शीघ्र कार्ययोजना शासन को भेजी जाए, ताकि इस माह के अंत तक स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ कराया जा सके।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि लखनऊ मंडल के विभिन्न विकास खंडों से लगभग 41,229 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 4,204 विकास परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा निर्धारित प्राथमिकताओं के आधार पर परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि मंडल के प्रत्येक जिले और विधानसभा क्षेत्र की अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विशेषताएं हैं, जिन्हें मजबूत करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। इसके लिए चल रही परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी आवश्यक है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास परियोजनाओं की सफलता के लिए स्पष्ट कार्ययोजना, समयबद्ध क्रियान्वयन, सतत संवाद और नियमित फीडबैक बेहद जरूरी हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनहित के प्रत्येक मुद्दे पर संवेदनशील है और जनता की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के उचित पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्टेट हाईवे, दीर्घ एवं लघु सेतु, रेलवे ओवरब्रिज (ROB), रेलवे अंडरब्रिज (RUB), धर्मार्थ स्थलों तक पहुंच मार्ग, फ्लाईओवर निर्माण और सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिला मुख्यालयों को चार लेन मार्गों से जोड़ने, चीनी मिलों से संबंधित सड़कों के निर्माण, सिंगल कनेक्टिविटी वाली सड़कों के विकास और ब्लैक स्पॉट सुधार के कार्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विभाग के 3,238 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष परियोजनाएं विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही या देरी के कारण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, उनकी जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर पारदर्शी, समन्वित और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं का भूमिपूजन और शिलान्यास जनप्रतिनिधियों के कर-कमलों से कराया जाए। साथ ही स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के साथ निष्पक्ष मॉनिटरिंग सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
इस बैठक को लखनऊ मंडल के व्यापक विकास और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर सड़क, पुल और परिवहन सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

